राज्य में आगामी साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, हालांकि, विधानसभा चुनाव प्रदेश की दोनों मुख्य पार्टियों भाजपा और कांग्रेस के लिए काफी महत्वपूर्ण है. यही वजह है की दोनों ही पार्टियों इस चुनाव को जीतने के लिए एड़ी चोटी तक का जोर लगा रहे हैं. इसी क्रम में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस प्रदेश में पिछले लंबे समय से चर्चाओं में बने हुए मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाने की रणनीति तैयार की है. शुरुआती चरण में अगले 15 दिनों के लिए कार्यक्रम भी कांग्रेस ने जारी कर दिए हैं जिसके तहत तमाम जलन मुद्दों को लेकर कांग्रेस सड़कों पर दिखाई देगी.
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी के साथ बैठक कर अगले एक महीने के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है. वहीं, ज्यादा जानकारी देते प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने कहा कि देशभर में एसआईआर का मुद्दा चर्चाओं में बना हुआ है. जिसके तहत भारत निर्वाचन आयोग और भारत निर्वाचन आयोग के आयुक्त की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. यही वजह है की मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस, राष्ट्रीय स्तर पर एसआईआर के मुद्दे को लेकर मुखर नजर आ रहे हैं. इसके अलावा, अंकित भंडारी हत्याकांड के मामले में सुर्खियों में आई वीआईपी को राज्यपाल बना दिया गया है.
इसी तरह प्रदेश के अन्य तमाम होते हैं जिसको लेकर कांग्रेस जनता के बीच जाने का निर्णय लिया है. प्रदेश के तमाम जलन मुद्दों को लेकर, कांग्रेस पार्टी ने कार्यक्रम तय किया है जिसके तहत 22 से 25 अक्टूबर तक प्रदेश भर में न्याय यात्रा निकाला जाएगा. इससे पहले भी कांग्रेस की यात्रा प्रदेश भर में संचालित हुई है. जिसमें कांग्रेस के तमाम नेता शामिल हुए लिया जाए इस नया यात्रा में भी तमाम नेता शामिल होंगे. ऐसे में न्याय यात्रा के जरिए प्रदेश के इन सभी जुनत मुद्दों को ले जाकर उनको अवगत कराया जाएगा. न्याय यात्रा प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्र से होकर गुजरेगी.
गैरसैंण स्थित विधानसभा भवन में दो दिवसीय विधानसभा सत्र आहूत होने जा रहा है. ऐसे में 27 अक्टूबर को भराड़ीसैंण विधानसभा का घेराव किया जाएगा. ऐसे में कांग्रेस चाहती है कि जो लोग इन सभी बातों से सहमत हैं वो भी विधानसभा घेराव में शामिल हो. ताकि लोगों तक ये बात जाए कि लोग वहां जाकर बैठ जाते हैं और सत्र सिर्फ दिखावे का करते हैं. ऐसे में इन सभी बातों को जनता के सामने रखा जाएगा. साथ ही सदन के भीतर भी इन सभी बातों को उठाया जाएगा, खासकर अंकित भंडारी मामले को उठाया जाएगा.
कुमारी शैलजा ने कहा कि 1 नवंबर को दिल्ली में सीईसी मामले के विशाल रैली होने जा रही है. जिसमें उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल होंगे. जिस तरह से 12 अक्टूबर को दिल्ली में प्रोटेस्ट के दौरान उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के लोग शामिल हुए थे, उसी तरह से एक नवंबर को होने वाली विशाल रैली में भी शामिल होंगे.
प्रदेश में बड़े स्तर और व्यापक रूप से जो जमीनों को बेचा जा रहा है और जमीन के जो बड़े-बड़े घोटाले हो रहे हैं. साथ ही जहां जमीन की नीलामी हो रही है उसके विरोध में प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों और राज्य मुख्यालय में 4 नवंबर को प्रदर्शन किया जाएगा. खासकर जिस जमीन को नीलाम किया गया है या बेचा गया है उस जमीन पर कांग्रेस धरना देगी.
4 नवंबर को प्रदेश में जमीन के घोटाले जो रहे हैं, उसके विरोध में जिला मुख्यालय और राज्य मुख्यालय में विरोध किया जाएगा. जिस जमीन की बेचा गया है वहां पर धरना देंगे. इसके साथ ही नवंबर और दिसंबर महीने तक तमाम कार्यक्रम भी प्रदेश में आयोजित किए जाएंगे. ऐसे में संगठन स्तर से उन कार्यक्रमों की पूरी रूपरेखा तैयार करने के बाद जनता के सम्मुख रखा जाएगा.
