अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने अभियान की प्रगति की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप 8 जून से 7 जुलाई तक विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है. इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को ज्यादा सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है. इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों में बूथ स्तर पर व्यापक स्तर पर गणना प्रपत्रों का वितरण किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि अब तक राज्य के ज्यादातर जिलों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है. विशेष रूप से रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, पौड़ी, पिथौरागढ़, चमोलीऔर चंपावत जिलों में 99 फीसदी से ज्यादा मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाए जा चुके हैं. पर्वतीय जिलों में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जिस गति से कार्य हुआ है, उसे निर्वाचन विभाग एक बड़ी उपलब्धि मान रहा है.
वहीं, राज्य के सबसे बड़े और ज्यादा जनसंख्या वाले जिलों में शामिल देहरादून और नैनीताल समेत अन्य जिलों में भी अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है. निर्वाचन विभाग का दावा है कि अगले एक-दो दिनों में गणना प्रपत्रों के वितरण का काम पूरी तरह पूरा कर लिया जाएगा. इसके बाद विभाग का पूरा ध्यान प्राप्त प्रपत्रों की जांच, सत्यापन और डिजिटाइजेशन पर केंद्रित रहेगा.
दरअसल, इस बार निर्वाचन आयोग केवल प्रपत्र वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है. मतदाताओं से प्राप्त गणना प्रपत्रों को सत्यापित कर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य ज्यादा पारदर्शी और तकनीक आधारित हो सके. यही कारण है कि प्रपत्रों को भरवाने के साथ उनके डिजिटाइजेशन का काम भी समानांतर रूप से शुरू कर दिया गया है.
प्रदेश के कई जिलों ने इस दिशा में बेहतरीन प्रगति भी दर्ज की है. निर्वाचन विभाग के मुताबिक, ज्यादातर जिलों में करीब 10 फीसदी या उससे ज्यादा प्रपत्रों को जुटाने, सत्यापन और डिजिटाइजेशन किया जा चुका है. कई स्थानों पर बूथ स्तर अधिकारियों और निर्वाचन कर्मियों की ओर से प्राप्त प्रपत्रों को तत्काल डिजिटल रिकॉर्ड में परिवर्तित करने का काम किया जा रहा है. ताकि, अंतिम समय में काम का दबाव न बढ़े.