राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को देश के कई राज्यों के राज्यपालों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के फेरबदल और नई नियुक्तियों को मंजूरी दे दी है. इस फेरबदल के तहत पूर्व वरिष्ठ राजनयिक तरणजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उपराज्यपाल (एलजी) नियुक्त किया गया है. वहीं, दिल्ली के निवर्तमान उपराज्यपाल वीके सक्सेना को अब लद्दाख की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रपति ने दिल्ली को मिला नया प्रशासनिक मुखिया के तौर पर तरणजीत सिंह संधू को नियुक्त किया है. दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में तरणजीत सिंह संधू की नियुक्ति को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. 1988 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी रहे संधू अमेरिका में भारत के राजदूत रह चुके हैं. उनकी छवि एक सुलझे हुए और अनुभवी रणनीतिकार की है. सेवानिवृत्ति के बाद वे सक्रिय राजनीति में आए थे और अब केंद्र सरकार ने उन पर राष्ट्रीय राजधानी की कमान सौंपकर भरोसा जताया है.
मई 2022 से दिल्ली के उपराज्यपाल रहे विनय कुमार सक्सेना को अब लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है. दिल्ली में उनके कार्यकाल के दौरान सरकार और राजनिवास के बीच कई प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा रही है. अब वे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में अपनी सेवाएं देंगे.
दिल्ली के उपराज्यपाल का पद सामान्य राज्यों के राज्यपालों से अलग और अधिक शक्तियों वाला होता है. दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन (संशोधन) अधिनियम के तहत एलजी को दिल्ली में कानून व्यवस्था, पुलिस और भूमि संबंधी मामलों में सर्वोच्च अधिकार प्राप्त हैं. एलजी दिल्ली में केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हैं. दिल्ली के ‘सरकार’ शब्द का अर्थ अब कानूनन एलजी ही है. नए एलजी संधू के सामने दिल्ली के बुनियादी ढांचे में सुधार, प्रदूषण नियंत्रण और दिल्ली सरकार के साथ समन्वय बिठाने जैसी प्रमुख चुनौतियां होंगी.
